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अयोध्या के संत कंगना रनौत के समर्थन में, कहा- “अब नहीं होगा उद्धव ठाकरे का स्वागत”
आईएएनएस - 11th September 2020

अयोध्या के संतों और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने घोषणा की कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का कंगना रनौत के खिलाफ उठाए गए अनुचित कदम के बाद अब अयोध्या में स्वागत नहीं किया जाएगा।

हनुमान गढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने बीएमसी द्वारा कंगना रनौत के कार्यालय को तोड़ने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “अयोध्या में उद्धव ठाकरे और शिवसेना का अब स्वागत नहीं होगा। अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री यहाँ आते हैं तो उन्हें अयोध्या के साधुओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा।”

उन्होंने आगे बताया, “महाराष्ट्र सरकार ने अभिनेत्री के खिलाफ समय बर्बाद किए बगैर कार्रवाई कर डाली। वहीं, उसी सरकार ने पालघर में दो साधुओं की हत्या किए जाने के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।”

वीएचपी के क्षेत्रीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा, “यह बहुत स्पष्ट है कि शिवसेना जानबूझकर अभिनेत्री को निशाना बना रही है क्योंकि वह राष्ट्रवादी ताकतों का समर्थन कर रही हैं और उन्होंने मुंबई के ड्रग माफिया के खिलाफ आवाज उठाई है।

अयोध्या संत समाज के प्रमुख महंत कन्हैया दास ने महाराष्ट्र सरकार पर उन लोगों को बचाने का आरोप लगाया, जो असामाजिक गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को अयोध्या न आने की चेतावनी भी दे डाली है।

महंत कन्हैया दास ने कहा, “अब उद्धव ठाकरे का राम नगरी में स्वागत नहीं होगा। शिवसेना कंगना रनौत पर हमला क्यों कर रही है? इस बात को हर कोई समझ सकता है। यह कोई रहस्य नहीं है। शिवसेना अब वह नहीं रही है, जो बालासाहेब ठाकरे के समय में हुआ करती थी। बता दें कि उद्धव 24 नवंबर 2018 को अयोध्या आए थे। फिर गत वर्ष 16 जून को आए। आखिरी बार वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद मार्च 2020 में आए थे।