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किम जोंग-उन मरे नहीं, विश्वासघातियों की पहचान करने के लिए हुए थे गुम- रिपोर्ट

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन अप्रैल में तीन सप्ताह तक मीडिया के सामने नज़र नहीं आए थे। इसके बाद वैश्विक मीडिया ने उनकी मौत की अफवाहों और न्यूक्लियर पावर वाले देश की संभावनाओं पर कई अटकलें लगा दी थीं। वियोन की रिपोर्ट में सामने आ रहा कि किम ने ऐसा अपने अप्रत्याशित उत्तराधिकारियों की पहचान के लिए किया होगा।

रॉयटर्स के मुताबिक, दक्षिण कोरिया की संसदीय खुफिया समिति के सदस्यों ने राष्ट्रीय खुफिया सेवा (एनआईएस) के साथ बैठक के बाद कहा था कि यह रिपोर्ट आधारहीन थी। अप्रैल में सियोल स्थित समाचार आउटलेट डेली एनके ने किम जोंग-उन की दिल की सर्जरी के बाद ठीक होने की जानकारी दी थी।

गत सप्ताह किम की मौत की अफवाह पर तब विराम लगा, जब मीडिया ने उनकी तस्वीरें और वीडियो प्रकाशित किया। वह एक उर्वरक संयंत्र के उद्घाटन समारोह में आए थे। स्काई आउटराइडर्स के मेजबान जेम्स मोरो ने ऑस्ट्रेलियाई लोगों को बताया था कि किम शायद अपने लोगों की प्रतिक्रिया जानने के लिए यह पैंतरेबाजी कर रहे थे।

वियोन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पहले संदिग्ध थाई योंग-हो थे, जो ब्रिटेन में उत्तर कोरिया के उप राजदूत थे। वहाँ उन्होंने किम के लिए गुप्त धन रखा था। बाद में थाई दक्षिण कोरिया भाग गए और पिछले महीने संसद के लिए चुने गए दलबदलुओं में से एक थे।

दूसरे संदिग्ध के रूप में जी सेओंग-हो हैं। उन्हें 2018 में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। जी ने कथित रूप से कहा था कि हृदय की सर्जरी के बाद किम मर गए थे। बाद में उन्होंने अपने बयान को लेकर माफी माँगी। किम के वापस आने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह खुश हैं कि वह वापस आ गए और स्वस्थ हैं।