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निकिता जैकब का खलिस्तान-समर्थक संस्था से था संपर्क, टूलकिट मामले में वॉरंट जारी

बॉम्बे उच्च न्यायालय की वकील निकिता जैकब और शांतनु नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ टूलकिट जाँच के संबंध में एक गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया है।

पत्रकार राज शेखर झा के अनुसार, निकिता जैकब फिलहाल फरार हैं। रिपोर्टों के अनुसार, जैकब एक कथित आप कार्यकर्ता भी हैं, जो टूलकिट के संपादन में लिप्त थीं। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को उसके ट्विटर अकाउंट को ट्रैक करने की जल्दी थी, जिसे जल्द ही निष्क्रिय कर दिया गया।

एएनआई के अनुसार, खलिस्तान-समर्थक पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के संस्थापक एमओ धालीवाल ने गणतंत्र दिवस से पूर्व विरोध प्रदर्शनों को लेकर ट्विटर पर अभियान चलाने में मदद करने के लिए जैकब से संपर्क किया था। उसी को लेकर ज़ूम पर एक वर्चुअल वार्ता की गई। इसमें एमओ धालीवाल, जैकब और दिशा रवि सहित कई लोग शामिल हुए थे।

पुलिस ने पहले पहले जैकब के घर जाकर उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जाँच की। पुलिस जैकब से भी पूछताछ करना चाहती थी लेकिन वह उपलब्ध नहीं थीं। अब उन्हें फरार माना जा रहा है।

गैर-ज़मानती वॉरंट दिल्ली पुलिस द्वारा 21 वर्षीय बेंगलुरु की जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को टूलकिट में से एक होने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद जारी किए गए हैं।