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सर्वोच्च न्यायलय की अवमानना? शशि थरूर ने तीन तलाक बिल को कहा ‘असंवैधानिक’

लोकसभा में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण बिल, 2018 जिसे तीन तलाक़ विधेयक के नाम से भी जाना जाता है, प्रस्तुत किया गया। इसका कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विरोध किया तथा थरूर और कानून मंत्री के बीच बिल को लेकर तर्क-वितर्क हुए।

शशि थरूर के अनुसार बिल किसी विशेष समुदाय के लोगों के लिए है तथा यह संविधान के विरुद्ध है। वहीं प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक़ को क़ानून के माध्यम से रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिए हैं क्योंकि मुस्लिम युवक अपनी पत्नियों को अनैतिक कारणों से भी तलाक़ दे देते हैं, इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट में बताया गया।

वहीं थरूर ने कहा कि तलाक़ के लिए सजा का प्रावधान नहीं रखा जा सकता।

बता दें कि 17 दिसंबर को प्रश्नकाल के दौरान राफेल मुद्दे पर हंगामे की वजह से 50 मिनट के लिए लोकसभा स्थगित कर दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का सरंक्षण) बिल, 2016, नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र बिल, 2018 तथा उपभोक्ता संरक्षण बिल, 2018 आदि कुछ प्रमुख बिल हैं जो लोकसभा में पेश किए जाने हैं।