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चीन सीमा पर गतिरोध के कारण “सड़क निर्माण रोकने का सवाल नहीं”, जुटाए श्रमिक

भारतीय अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चीन सीमा के पास सड़क निर्माण को रोकने का कोई उनका कोई विचार नहीं है और श्रमिकों को उसी के लिए जुटाया जा रहा है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड से प्रवासी श्रमिकों को चीन सीमा के पास रणनीतिक सड़क बनाने के लिए जल्द ही ले जाया जाएगा और रक्षा मंत्रालय ने 11 विशेष रेलगाड़ियों की मांग की है। यह अनुरोध 22 मई को रेल मंत्रालय से किया गया था।

लद्दाख में दरबुक-श्योक-डोलेट बेग ओल्डी सड़क पर काम शुरू होने के बाद एक अधिकारी के हवाले से कहा गया , “यह विकास लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा गतिरोध के बीच हो रहा है। उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच गतिरोध की वजह से सड़क परियोजनाओं पर काम रुकने का कोई सवाल ही नहीं है। काम का समय शुरू हो गया है और हम समय बर्बाद नहीं कर सकते हैं।”

11,000 से अधिक प्रवासी श्रमिकों को विशेष ट्रेनों के माध्यम से लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सीमावर्ती क्षेत्रों में ले जाया जाएगा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को चीनी सीमा के पास सड़कों और सुरंगों के निर्माण के लिए कुल 40,000 श्रमिकों की आवश्यकता है।