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ओयो का दावा- “नहीं किया दीवालियापन का आवेदन”, सहायक कंपनी पर याचिका

सोशल मीडिया पर उड़ रही चर्चाओं के विरुद्ध रितेश अग्रवाल के नेतृत्व वाले आयो ने अपने दीवालियापन के लिए आवेदन नहीं किया है।

हैदराबाद स्थित ऋणकर्ता द्वारा दायर एक याचिका को लेकर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने स्वीकारा था कि 30 मार्च 2021 को ओयो ग्रुप की एक सहायक कंपनी के खिलाफ कॉरपोरेट दिवालियापन की कार्यवाही शुरू करने के लिए एक याचिका दायर की गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, कॉन्क्लेव इंफ्राटेक द कॉन्क्लेव होटल का मालिक है, जिसके द्वारा ओयो रूम्स को व्यवस्थित किया जाता था। उसने बकाया भुगतान न करने पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के अहमदाबाद चैप्टर के पास मामले को स्थानांतरित किया है।

ओयो होटल्स एंड होम्स प्राइवेट लिमिटेड (ओएचएचपीएल) के लेनदारों को 15 अप्रैल 2021 तक दावों का विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया। हालाँकि, कंपनी ने कहा कि इसके बाद 16 लाख रुपये की विवादित राशि पहले ही उस दावेदार को दी जा चुकी है।

रितेश अग्रवाल ने इस गलतफहमी को दूर करने के लिए ट्विटर पर लिखा, “एक पीडीएफ और टेक्सट संदेश है, जो यह दावा करता है कि कंपनी ने दिवालियापन के लिए अपील दायर की है। यह पूरी तरह गलत है। एक दावेदार ओयो की प्रमुख सहायक कंपनी से 16 लाख रुपये के लिए एनसीएलटी में याचिका दायर कर रहा है।”