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कंगना रनौत ने दोहरे मानकों के लिए बॉलीवुड की “मानसिक गुलामी” पर साधा निशाना

अभिनेत्री कंगना रनौत ने पालघर में साधुओं की नृशंस हत्या पर बॉलीवुड हस्तियों की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। दरअसल, उन्होंने यह सवाल अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पर बॉलीवुड हस्तियों के हैशटैग ब्लैक लाइव्स मैटर अभियान के समर्थन में सामने आने के बाद उठाए हैं।

पिंकविला ने कंगना रनौत से विशेष बातचीत में कहा, “कुछ दिनों पहले भीड़ द्वारा साधुओं की नृशंस हत्या कर दी गई थी। फिर भी किसी ने एक शब्द नहीं कहा। यह घटना महाराष्ट्र में हुई थी, जहाँ अधिकतर बॉलीवुड की हस्तियाँ रहती हैं। अब क्या कहें, वैसे भी बॉलीवुड का नाम हॉलीवुड से ही लिया गया है।”

उन्होंने कहा, “बॉलीवुड हस्तियाँ मौके का फायदा उठाने के लिए तुरंत ही मौके तलाशती हैं। बशर्ते, वो गोरे लोगों द्वारा संचालित हो और उन्हें दो मिनट में प्रसिद्ध दिला दे। हो सकता है कि ये इन सबके अंग्रेजों की गुलामी वंश से आने की वजह से हो।”

उन्होंने बॉलीवुड के विवादास्पद जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग को समर्थन देने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि गोरी लड़की के समर्थन में ये सब जल्दी आ गए, जबकि कई भारतीय पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए असाधारण काम कर रहे हैं। उनके समर्थन में ये कभी नहीं आए।

कंगना ने कहा, “मैं उनकी कहानियाँ पढ़कर हैरान होती हूँ लेकिन ये इंडस्ट्री उनपर कभी गौर नहीं करती है। शायद, साधु और आदिवासी लोग बॉलीवुड वालों और उनके फैंस के लिए ज्यादा फैंसी नहीं होते हैं इसलिए वो उन पर ध्यान नहीं देते हैं।”