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टीपू जयंती न मनाने का येदियुरप्पा सरकार का निर्णय, टीपू को माना धार्मिक कट्टरपंथी

कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की अगुआई वाली भाजपा की नई सरकार ने कन्नड और संस्कृति विभाग को टीपू जयंती न मनाने का आदेश दिया है। यह निर्णय सोमवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, तत्कालीन सिद्धारमय्या के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हर साल टीपू जयंती को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया था। इसकी वजह से राज्य के लोगों में असंतोष था। इस कदम का भाजपा ने विरोध किया था, जिन्होंने टीपू को एक धार्मिक कट्टरपंथी करार दिया था और जयंती समारोह का विरोध किया था।

मैसूर राज्य पर शासन करने वाले टीपू सुल्तान पर अपने शासनकाल के दौरान हिंदुओं का नरसंहार करने और मंदिरों को ध्वस्त करने का आरोप है। जद (एस) का मानना ​​था कि टीपू जयंती दुर्भाग्य लाएगी इसलिए उन्होंने सत्ता में आने के बाद इसको रोकने का निर्णय लिया था लेकिन गठबंधन की मजबूरियों की वजह से वो ऐसा नहीं कर पाई।

टीपू जयंती समारोह को रोकना भाजपा समर्थकों की प्रमुख माँगों में से एक था। अब येदियुरप्पा सरकार द्वारा लिए गए पहले निर्णयों में से एक है।