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पाकिस्तानी शूटरों को वीज़ा न दिए जाने पर ओलंपिक समिति नाराज़, भावी चर्चा बंद

नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 25 मीटर रैपिड फायर पिस्तौल (पुरुष) के लिए पुलवामा हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तानी शूटर को वीज़ा न दिए जाने पर अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने भारत से इस ओलंपिक समारोह को आयोजित कराने का दर्जा छीन लिया है।

यह तब हुआ जब आईओसी को बताया गया कि 18 फरवरी 2019 को इंटरनेशनल स्पोर्ट्स शूटिंग फेडरेशन (आईएसएसएफ) में भाग लेने के लिए आने वाले पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल को भारत द्वारा वीज़ा नहीं दिया जिसमें दो खिलाड़ी व एक अधिकारी सम्मिलित थे।

शनिवार (23 फरवरी) से शुरू होने वाले आयोजन में दो पाकिस्तानी एथलीट भाग लेने वाले थे जिसके माध्यम से किसी देश की राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (एनओसी) 2020 में टोक्यो में होने वाले ओलंपिक के लिए कोटा अर्जित कर सकती है।

हालाँकि आईओसी ने केवल 25 मीटर रैपिड पिस्तौल प्रतियोगिता से ही ओलंपिक क्वालिफिकेशन का दर्जा चीना है, जबकि अन्य प्रतियोगिताएँ योजनानुसार ही होंगी, लेकिन अस्थायी रूप से इससे भारत में ओलंपिक संबंधी समारोहों पर चर्चा बंद हो गई है।

कहा गया, “यह ओलंपिक चार्टर के मौलिक सिद्धांतों के विरुद्ध है।”

इसके साथ ही “आईओसी कार्यकारी मंडल ने भारतीय एनओसी और सरकार के साथ भविष्य में ओलंपिक संबंधित आयोजनों को कराने की चर्चा बंद कर दी है जब तक कि लिखित में यह सुनिश्चित नहीं किया जाए कि भारत सरकार ओलंपिक चार्टर के अनुसार सभी प्रतिभागियों को भाग लेने देगी। और जब तक यह गारंटी नहीं मिलती भारत में कोई खेल आयोजित नहीं किया जाएगा।”, समिति के कथन में कह गया।