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जेटली ने किया साफ, प्रलोभन के लिए भाजपा नहीं करेगी अर्थव्यवस्था को घातक घोषणा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह कांग्रेस की तरह आय का प्रलोभन जैसे हथकंडे नहीं अपनाएगी बल्कि वर्तमान योजनाओं के विस्तार और करों में कमी लाने पर कार्य करेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आश्वासन दिया है, “अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार को 17वीं लोकसभा चुनाव में फिर चुना गया तो हम राजकोषीय मोर्चे पर सूझबूझ से चलने और कर में कमी करने का सिलसिला बनाए रखेंगे। ”

बिजनेस स्टैंडर्ड  की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा ने यह बात तब कही जब कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कई योजनाओं की घोषणा की जिसके कारण मौजूदा संसाधनों में कमी आने की संभावना है। साथ ही ये राजकोषीय घाटे को घटाने की बजाय और बढ़ा सकती है।

दिल्ली में भारतीय उद्योग कॉन्फेडरेशन (सीआईआई) की सालाना आय सभा में संबोधित करते हुए जेटली ने कहा, “जीएसटी परिषद उपभोग की कई वस्तुओं को कर की सबसे ऊंची दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 या 12 प्रतिशत पर ले आई है। मैं कर नीतियों के बारे में कहूँगा। मुझे स्पष्ट है कि दो मुद्दों पर हमने विवेक से काम लिया- हमने राजकोषीय मोर्चे पर सावधानी बरती और दरों को नीचे लाए। अगर हम सत्ता में रहे तो इसी पथ पर आगे बढ़ेंगे।”

जेटली ने आगे कहा, “हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय में आरबीआई के 12 फरवरी 2018 के परिपत्र को अल्ट्रा वायर्स के रूप में पाया गया, जो आईबीसी के कामकाज को प्रभावित नहीं करेगा। कोर्ट का यह फैसला प्रक्रियात्मक है, जो आईबीसी को प्रभावित नहीं करता है।”