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जामिया पर दिल्ली पुलिस का दावा- नहीं चलाई एक भी गोली, हिरासत में लिए गए अपराधी

गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि जामिया में विरोध के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से कोई भी गोली नहीं चलाई गई। एएनआई  के अनुसार, हिंसा के दौरान आँसू गैस के गोलों की वजह से प्रदर्शनकारी घायल हो गए होंगे। हिरासत में लिए लिए गए सभी 10 लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सफदरजंग अस्पताल के एक डॉक्टर ने सोमवार को कहा, “प्रदर्शन में एक व्यक्ति गोली लगने से घायल हो गया था।” सफदरजंग चिकित्सा अधीक्षक सुनील गुप्ता के अनुसार, 22 वर्षीय एजाज को शाम 5.30 बजे सीने में चोट लगने के बाद आपातकालीन वॉर्ड में भर्ती करवाया गया। जाँच में पता चला कि उसके सीने में एक गोली का घाव था। वह इस समय चेस्ट ट्यूब के साथ आईसीयू में है।

पुलिस का कहना है कि दक्षिणी दिल्ली में चार सार्वजनिक बसों में आग लगने के बाद दागे गए आँसू गैस के गोलों की वजह से लोग घायल हो सकते हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया के पास रविवार को हुई झड़पों में दर्जनों घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने परिसर में प्रवेश किया और कई छात्रों पर लाठीचार्ज किया।

इस बाबत संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिण क्षेत्र) देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा, “कोई गोली नहीं चलाई गई। यहाँ तक कि रबर की गोलियाँ भी नहीं। पुलिस ने केवल प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले और गैस के ग्रेनेड चलाए। हो सकता है कि इनके कुछ लोगों को छर्रे लगे हों। आंसू गैस के छींटों से लगी चोट कभी-कभी शुरुआती जांच में गोली की चोट की तरह लग सकती है।”

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) चिनमोय बिस्वाल ने कहा, “हो सकता है कि असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर गोलीबारी की और गोली उस व्यक्ति के लग गई हो। हम मामले की जाँच करेंगे।”