समाचार
सिर्फ ट्विटर नहीं, फ़ेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सैप के प्रमुख भी मिलें संसदीय समिति से

सूचना प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करते हुए संसदीय स्थाई समिति ने वॉट्सैप, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम के प्रमुखों को मार्च से पहले इसके समक्ष प्रस्तुत होने के लिए कहा है, बिज़नेस स्टैंडर्ड  ने रिपोर्ट किया। कंपनियों से “अथवा सीईओ या वैश्विक दल के किसी सदस्य को भेजने के लिए कहा गया है।”

इस बुलावे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गलत समाचार का प्रचार या सोशल मीडिया पर वैचारिक पक्षपात को लेकर भारत सरकार मात्र ट्विटर पर ही निशाना नहीं साध रही थी। इससे पूर्व फरवरी में संसदीय समिति ने ट्विटर द्वारा भेजे गए प्रतिनिधियों से मिलने से इनकार कर दिया था व सीईओ को उपस्थित होने के लिए कहा था ताकि सोशल मीडिया पर नागरिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर चर्चा की जा सके।

वर्तमान में समिति इस बात की जाँच कर रही है कि भारत में ट्विटर का अलगोरिदम कैसे कार्य करता है और इसपर प्रचारित वस्तुओं की फंडिंग की भी जाँच कर रही है। आम चुनावों से पूर्व सोशल मीडिया पर गलत समाचार फैलने से रोके जाने के लिए ये प्रयास आवश्यक हैं।

फ़ेसबुक ही इंस्टाग्राम और वॉट्सैप का मालिक है।

यूएस कांग्रेस के समक्ष भी हुए थे प्रस्तुत

सितंबर 2018 में फ़ेसबुक के शेरिल सैन्डबर्ग और ट्वीटर के सीईओ जैक डॉर्सी ग्राहकों की डाटा सुरक्षा मामले, अनुदार विचारों के विरूद्ध पक्षपातपूर्ण होने और इन प्लैटफॉर्मों का उपयोग अवैध समान जैसे ड्रग्स बेचने के आरोपों के चलते यूएस कांग्रेस समिति के समक्ष प्रस्तुत हुए थे।