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नीति आयोग ने चालू वित्त वर्ष में निजीकरण हेतु सार्वजनिक बैंकों की अंतिम सूची पेश की

नीति आयोग ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के नामों की अपनी अंतिम सूची प्रस्तुत की है, जिनका केंद्र सरकार के विनिवेश लक्ष्यों के एक भाग के रूप में चालू वित्तीय वर्ष में निजीकरण किया जा सकता है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021 के बजट में प्रकट किया था कि सरकार इस वित्तीय वर्ष में एक सामान्य बीमा कंपनी के साथ दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण कर सकती है।

केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में विनिवेश पर सचिवों के कोर ग्रुप को नाम सौंपे गए हैं। निजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नियामक पक्ष में बदलाव के लिए कैबिनेट की अंतिम स्वीकृति आवश्यक होगी।

बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में सीतारमण के हवाले से कहा गया, “हमें ऐसे बैंकों की आवश्यकता है, जो आगे बढ़ने में सक्षम हों। हम चाहते हैं कि ऐसे बैंक हों, जो इस देश की आकांक्षाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हों।”

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में भागीदारी बेचकर 1.75 लाख करोड़ रुपये एकत्रित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इन वित्तीय संस्थानों में ऊपर उल्लेखित दो पीएसबी और एक सामान्य बीमा कंपनी भी शामिल होगी।