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जेएसयू के प्रदर्शन के बाद एनआईटी मेघालय हटाएगा संस्थान से भगवान गणेश की मूर्ति

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) मेघालय ने छात्रों के स्थानीय समूह जैन्तिया छात्र संघ (जेएसयू) के विरोध प्रदर्शन के बाद परिसर में स्थापित हिंदू भगवान गणेश की एक मूर्ति को हटाने का फैसला किया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मूर्ति को 23 सितंबर को शिलॉन्ग स्थित संस्थान परिसर में स्थापित किया गया था। अब इसे एक सप्ताह बाद ही हटाया जाना है। हालाँकि, जेएसयू ने धार्मिक मूर्ति की स्थापना के समय भी कड़ा विरोध जताया था।

26 सितंबर को जेएसयू ने संस्थान के निदेशक विभूति भाषण बिस्वाल को एक पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था, “संघ संस्था में धार्मिक मूर्ति स्थापित करने के विचार का कड़ा विरोध करता है। हम इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर जाएँगे और आग्रह करेंगे कि भगवान गणेश की मूर्ति को परिसर से हटाया जाए।”

जेएसयू ने कहा था, “धार्मिक मूर्ति की स्थापना के कारण सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। हमारे सुझाव के तौर पर परिसर में विज्ञान, कला और साहित्य क्षेत्र के कुछ प्रसिद्ध व्यक्तित्वों की मूर्तियों को स्थापित किया जाए।”

गौर करने वाली बात यह है कि 2011 की जनगणना के अनुसार, मेघालय की कुल आबादी में 74 प्रतिशत से अधिक ईसाई हैं। इसके अलावा, राज्य में तीन प्रमुख जनजातियाँ हैं, जिनमें से एक है जैन्तिया, जो कि जेएसयू से है।