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कश्मीर पर कविता की कुछ पंक्तियों से निर्मला सीतारमण ने शुरू किया विस्तृत बजट

बजट की विस्तृत चर्चा करने से पहले उन्होंने एक कविता की कुछ पंक्तियाँ दोहराईं, “हमारा वतन शालीमार बाग जैसा है, डल लेक में खिलते कमल जैसा है, नौजवानों के गर्म खून जैसा है, हमारा वतन, तुम्हारा वतन, प्यारा वतन।” इसके साथ ही उन्होंने बजट को देश को समर्पित किया।

बजट 2020 प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि एक औसत घर की जीएसटी दर में कटौती के कारण मासिक खर्चे में 4 प्रतिशत की बचत होती है।

“‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ नारे के अनुरूप गरीबों तक सीधा लाभ पहुँचाया गया है।”, वित्त मंत्री ने कहा। इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, डिजिटल विस्तार और उज्ज्वला जैसी योजनाओं की बात की।