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ब्रीफकेस की जगह लाल बही-खाता- “पश्चिम की मानसिक गुलामी से मुक्त होने का प्रतीक”

उपनिवेशक ब्रीफकेस की प्रथा से आगे बढ़ते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चार तरफ से लाल रंग के मखमली कपड़े में लिपटे बही-खाते के साथ शुक्रवार (5 जुलाई) को केंद्रीय बजट 2019 पेश करने संसद पहुँचीं। कपड़े के ऊपर भारत सरकार का चिह्न भी था।

टाइम्स ऑफ इंडिया  की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन ने ब्रीफकेस से लाल कपड़े में बदलाव की व्याख्या करते हुए कहा, “सरकार भारतीय परंपरा का पालन कर रही है।”

उन्होंने समझाया, “यह भारतीय परंपरा है। यह पश्चिमी विचारों की गुलामी छोड़ने का एक प्रतीक है। यह एक बजट नहीं बल्कि एक बही-खाता है।”

दुनिया में बजट फ्रांसीस शब्द बॉजेट से आया है, जिसका अर्थ थैला होता है। इस दौरान परंपरागत रूप से वित्त मंत्री संसद के बाहर एक फोटो खिंचवाते हैं। उनके हाथ में एक चमड़े की अटैची होती है, जिसमें बजट के दस्तावेज रखे होते हैं।

हालाँकि, इस वर्ष वित्त मंत्री सीतारमण ने भारतीय संस्कृति के मुताबिक बही खाते को वरीयता दी है। एक पारंपरिक बही-खाता सूती कपड़े का उपयोग करके बनाया जाता है, जो हाथ से बने हुए कागजो को बांधने के लिए धागा होता है।