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रक्षा मंत्री का संसद में हमला, 10 बिंदुओं में समझें राफेल पर उनका भाषण

लोकसभा में राफेल सौदे पर उठे सवालों पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने सटीक उत्तर दिए। इन दस बिंदुओं के माध्यम से जानें उनके वक्तव्य के विषय में-

  1. सबसे पहले उन्होंने इस सौदे की महत्ता और तत्काल आवश्यकता, विशेषकर पश्चिमी व उत्तरी सीमाओं पर, बताते हुए कहा कि समय पर क्रय किया जाना महत्त्वपूर्ण है।
  2. पाकिस्तान और चीन के बढ़ते विमान समूह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने 18 विमानों के क्रय की वार्ता शुरू करके एक रुकावट पैदा कर दी थी।
  3. कार्यावधि का विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि सितंबर 2019 तक देश को पहला विमान मिल जाएगा और 2022 के अंत तक सभी विमान हमारे पास होंगे। समझौता वार्ता को मात्र 14 महीनों में पूरा किया गया था।
  4. सरकार की ईमानदारी को प्रकट करते हुए कहा कि रक्षा सौदा करना और रक्षा से सौदा करना दो भिन्न चीज़ें हैं। हम रक्षा से सौदा नहीं करते। हमारे लिए राष्ट्र सुरक्षा प्राथमिकता है।
  5. कांग्रेस पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लड़ाकू विमान के क्रय को प्रथमिकता नहीं दी। हर ‘एए’ के लिए कोई ‘क्यू’ और ‘आरवी’ होते हैं। कांग्रेस एचएएल के लिए मगरमच्छ के आँसू बहा रही है। हमने एचएएल को एक लाख करोड़ के अनुबंध दिए हैं।
  6. पिछली सरकारों पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में सिर्फ दो स्क्वाड्रन खरीदे जाते थे। जब पाक एफ-16 खरीद रहा था, तब भारत ने दो एमआईजी-23 एमएफ खरीदे थे, 1985 में फिर दो मिराज 2000 खरीदे गए थे और 1987 में दो एमआईजी-29।
  7. फ्रांस के राष्ट्रपति से वार्ता के बारे में जो राहुल गांधी ने संसद में कहा था, उसपर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस प्रवक्ता बोल रहे थे कि वे विदेशी नेताओं से भारतीय रक्षा सौदों की चर्चा नहीं करेंगे तो फिर क्या हुआ? मुझे उनके कथन का साक्ष्य चाहिए।”
  8. सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को पढ़कर सुनाते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि न्यायालय ने कहा है कि विषय को समझने के बाद हमें इसमें दखल देने का कोई कारण नहीं लगा। “हमने सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास नहीं किया है।”
  9. कैग रिपोर्ट के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि दिसंबर 2018 में रक्षा मंत्रालय को ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इसपर प्रतिक्रिया तैयार की जा रही है।
  10. राहुल गांधी के व्यक्तिगत हमलों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा, “शेखी बघारने के लिए हमारा कोई ‘खानदान’ नहीं है। हम एक सामान्य पृष्ठभूमि से आतो हैं और यहाँ बहुत मेहनत के बाद पहुँचे हैं। मेरा और प्रधानमंत्री का मान अक्षुण्ण है।”

अंत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सदन की गरिमा भंग करते हैं। “प्रधानमंत्री को चोर कहा गया। उनसे गले लगने के बाद सदन में आँख मारी। यद सदन की गरिमा को भंग करता है। क्या इसके लिए वे माफी माँगेगे?”