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वित्तीय वर्ष 2018 में बैंकों से धोखाधड़ी 72 प्रतिशत बढ़ी, नीरव मोदी मुख्य कारक

रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा जारी किए गए नवीनतम डाटा से पता चला है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में भारतीय बैंकों से धोखाधड़ी में 72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस वित्तीय वर्ष में धोखेबाज़ों ने 41,167.7 करोड़ रुपए लूटे हैं जबकि पिछले वर्ष में 23,933 करोड़ रुपए की लूट हुई थी, फाइनेन्शियल एक्सप्रेस  ने रिपोर्ट किया।

रिपोर्ट के अनुसार बैंकों के कड़े प्रयासों के बावजूद धोखे की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पंजाब नेशनल बैंक के 13,000 करोड़ रुपए की लूट के मामले के कारण भी इस आँकड़े में वृद्धि हुई है। इस मामले में हीरा व्यापारी नीरव मोदी व उनके चाचा मेहुल चोकसी सम्मिलित थे।

“मूल्य के आधार पर देखें तो 2017-18 में बैंकों से धोखाधड़ी में तीव्र वृद्धि हुई है, विशेषकर आभूषण के क्षेत्र में इस मामले से।”, आरबीआई ने कहा। 93 प्रतिशत ऐसे मामले पब्लिक सेक्टर बैंकों के साथ देखे गए हैं जबकि निजी बैंकों के साथ केवल 6 प्रतिशत ही ऐसे मामले हुए हैं।