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जेडी (एस) के पाँच कार्यकर्ताओं समेत श्रीलंका हमले में नौ भारतीयों की मौत

जेडी (एस) के पाँच कार्यकर्ताओं और एक भाजपा पदाधिकारी के रिश्तेदार सहित नौ भारतीयों की श्रीलंका में सिलसिलेवार हुए बम धमाकों में मौत होने की पुष्टि हुई है। पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी गई।

हमलों के लिए स्थानीय इस्लामिक संगठन नैशनल तौहीद जमात (एनटीजी) को दोषी ठहाराया गया है। राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरीसेना ने कहा, “खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेशी आतंकवादी संगठन स्थानीय आतंकवादियों के साथ थे। अब वह दूसरे देशों से सहयोग चाहते हैं।”

हादसे में कर्नाटक के पाँच जेडी (एस) कार्यकर्ता शांगरी-ला होटल में मारे गए। उनकी पहचान केजी हनुमंथारायप्पा (54), एम रंगन्ना (47), एच शिवकुमार (62), लक्ष्मीनारायण (54) और एलजी रमेश के रूप में हुई है, जो बेंगलुरु और तुमकुरु के हैं। भाजपा कार्यवाहक पुरुषोत्तम रेड्डी आईसीयू में हैं, जबकि उनके रिश्तेदार नागराज रेड्डी की मौत हो गई। जद (एस) के दो अन्य सदस्यों ए. मारेगौड़ा और एच पुत्तराराजू का पता नहीं चला।

श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री राजिता सेनारत्ने ने कहा, “विस्फोटो में शामिल आत्मघाती हमलावरों को श्रीलंकाई नागरिक माना जाता है।” पुलिस ने अब तक एनटीजे के 24 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। फॉरेंसिक विश्लेषण में पाया गया कि आत्मघाती हमलावरों एक-एक करके हर जगह हमला किया लेकिन कोलंबो के शांगरी-ला होटल को दो आत्मघाती हमलावरों ने निशाना बनाया।

  • राष्ट्रपति ने मामले की जाँच के लिए तीन सदस्यीय समित नियुक्त की है। समिति दो हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी।
  • श्रीलंका के पेट्टा स्थित बेस्टियन मवाथा के एक निजी बस स्‍टैंड से पुलिस ने 87 डेटोनेटर बरामद किए हैं।
  • कोलंबो में एयरपोर्ट के पास सोमवार को भी छह फुट लंबा देसी पाइप बम मिला, जिसे एयर फोर्स ने निष्क्रिय कर दिया।
  • हमले में विदेशी मृतकों की संख्या 31 हो गई है। इनमें 12 देशों के लोग हैं। सबसे ज्यादा नौ मौतें भारत, यूके से छह, चीन, सउदी अरब, तुर्की से दो-दो हैं। 14 विदेशियों की पहचान अभी नहीं हुई है।