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साध्वी प्रज्ञा को चुनाव लड़ने से रोकने की याचिका पर एनआईए “पर्याप्त साक्ष्य नहीं”

एनआईए न्यायालय में दाखिल याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार (23 अप्रैल) को कहा कि मालेगाँव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को दोषी घोषित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं और वे चुनाव लड़ सकती हैं या नहीं, यह तय करना चुनाव आयोग का काम है, टाइम्स ऑफ इंडिया  ने रिपोर्ट किया।

रिपोर्ट के अनुसार पिछले सप्ताह निसार बिलाल, जिसके पुत्र सैयद अहमद की धमाकों में मृत्यु हुई थी, ने विशेष एनआईए न्यायालय में याचिका की थी कि प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की टिकट पर चुनाव लड़ने से रोका जाए क्योंकि वे अभी तक निर्दोष घोषित नहीं हुई हैं।

एनआईए ने जवाब में कहा कि चुनाव लड़ने पर निर्णय देना इसके कार्यक्षेत्र में नहीं है और कहा “इसका निर्णय चुनाव आयोग ही क्र सकता है।” इसके अलावा एनआईए ने यह भी कहा कि 2016 में पूरक आरोप-पत्र में इसे साध्वी प्रत्रा के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे।

“13 मई 2016 को दायर किए गए आरोप-पत्र में एनआईए ने 10 आरोपियों को दोषी पाया था व साध्वी प्रज्ञा एवं पाँच अन्य के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे।”, एनआईए ने कहा। 2016 में मालोगाँव ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा को एनआईए ने क्लीन चिट दी थी।