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एनआईए के आरोप-पत्र में महबूबा मुफ्ती के सहयोगी पारा की आतंकी फंडिंग का खुलासा

जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार (22 मार्च) को हिजबुल मुजाहिद्दीन समूह की आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराने के मामले में विशेष अदालत में आरोप-पत्र दायर किया।

इसमें पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के युवा विंग के अध्यक्ष वहीद उर रहमान पारा और दो अन्य के खिलाफ हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर नवीद बाबू से कथित रूप से जुड़े आतंकी मामलों के आरोपों के लिए आरोप-पत्र दायर किया गया।

पारा कथित रूप से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का करीबी सहयोगी है। उसको गत वर्ष नवंबर में कई दौर की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। जम्मू-कश्मीर के निलंबित पुलिस उपाधीक्षक दविंदर सिंह को भी मामले में गिरफ्तार किया गया था।

आरोप-पत्र में दावा किया गया कि हिजबुल की गतिविधियों के वित्तपोषण के अलावा राजनीतिक-अलगाववादी-आतंकवादी सांठगांठ को बनाए रखने में पारा की एक महत्वपूर्ण भूमिका थी।

एनआईए के प्रवक्ता जया रॉय ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “जाँच में पता चलता है कि आरोप-पत्र में आरोपी बनाया गया पारा हिजबुल के आतंकवादियों को धन स्थानांतरित करने और उनके लिए धन जुटाने के षड्यंत्र में शामिल था, ताकि आतंकवादी गतिविधियों के लिए सामान खरीदा जा सके। जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक-अलगाववादी-आतंकी गठजोड़ बनाए रखने में भी उसकी अहम भूमिका थी।

हिजबुल मुजाहिद्दीन (जो धार्मिक सेनानियों की पार्टी में तब्दील हो जाता है) एक कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी समूह है। यह भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार रहा है। इसका उद्देश्य हिंसक जिहाद के माध्यम से जम्मू-कश्मीर का पाकिस्तान में विलय करना है।