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एंटीलिया मामले में वाझे के सहयोगी रियाजुद्दीन काज़ी को एनआईए ने किया गिरफ्तार

एनआईए ने रविवार (11 अप्रैल) को अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भरी कार खड़ी करने और मनसुख हिरेन हत्या मामले में एक और पुलिस अधिकारी एपीआई रियाजुद्दीन काज़ी को गिरफ्तार किया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, काज़ी एपीआई सचिन वाझे के नेतृत्व में अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) में काम करता था। वह इस मामले में गिरफ्तार किया जाने वाला चौथा व्यक्ति और तीसरा पुलिसकर्मी है।

विशेष एनआईए अदालत ने उसे शुक्रवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। एनआईए ने 10 दिनों के लिए हिरासत की मांग करते हुए तर्क दिया था कि वाझे के इशारे पर रियाजुद्दीन काज़ी ने इस षड्यंत्र के सारे सबूत नष्ट कर दिए थे। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि एनआईए को एंटीलिया मामले और मनसुख हिरन की हत्या में उसकी भूमिका के लिए काज़ी से पूछताछ करने की आवश्यकता थी।

रियाजुद्दीन काज़ी पर आरोप है कि उसने एंटीलिया विस्फोटक मामले की जाँच का हवाला देते हुए ठाणे साकेत कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी जाकर डीवीआर अपने कब्जे में ले लिया और उसकी फुटेज मिटाई थी। यही नहीं, उस पर ठाणे में दुकानों से जबरन डीवीआर छीनने का भी आरोप है, जहाँ से उसने वाझे के इशारे पर कई फर्जी नंबर प्लेट बनवाई थीं।

एनआईए ने कहा कि काज़ी सचिन वाझे के आदेशों का पालन कर रहा था क्योंकि वह सीआईयू का नेतृत्व करता था। काज़ी को हाल ही में स्थानीय हथियार इकाई में स्थानांतरित किया गया और वाझे की तरह उसके भी निलंबित होने की संभावना है। बचाव पक्ष के वकील हसनैन काज़ी ने कहा कि रियाजुद्दीन काज़ी को मामले में बलि का बकरा बनाया गया था।