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एनएचएआई को किसानों के विरोध के चलते टोल संग्रह में हुआ ₹500 करोड़ का घाटा

किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते पंजाब और हरियाणा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को टोल वसूली में करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 5 अक्टूबर 2020 से पंजाब के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह पूरी तरह से बंद है। हरियाणा में 25 दिसंबर 2020 के बाद से टोल का बहुत कम संग्रह हुआ है।

एनएचएआई का कहना है, “हमारे पास टोल संग्रह को रोकने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। राजस्व हानि का हमारे प्रदर्शन और भविष्य की परियोजनाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है। दिल्ली-जयपुर रास्ते पर ट्रैफिक भी बहुत कम हो गया क्योंकि विरोध प्रदर्शन की वजह से एनएच पर जाम से बचने के लिए लोग लंबा रास्ता तय करके जा रहे हैं।”

बता दें कि अक्टूबर 2020 से मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों का किसान (विशेष रूप से पंजाब के किसान) विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कृषि वस्तुओं के व्यापार और परिवहन को फिर से सुचारू बनाने के लिए पूरी तरह से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

सीमावर्ती बिंदुओं पर शिविर लगाकर दिल्ली की ओर जाने वाली सड़कों की नाकाबंदी करके विरोध प्रदर्शन किया जाता है। एक प्रमुख आंकलन में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) ने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शनों की वजह से दिसंबर तिमाही में 70,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होगा।