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पीटीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के नए आईटी नियमों को चुनौती दी

समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) ने बुधवार (7 जुलाई) को संशोधित सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 की संवैधानिक वैधता को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।

दि इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अपनी याचिका में पीटीआई ने कहा कि डिजिटल मीडिया आचार संहिता विनियमन केंद्र सरकार को सामग्री प्रतिबंधित करने, सामग्री को हटाने और माफी के अनिवार्य प्रकाशन जैसे कठोर उपायों को लागू करने की शक्ति देता है।

पीटीआई ने तर्क दिया कि आईटी अधिनियम 2000 में डिजिटल मीडिया का उल्लेख नहीं है और सवाल किया कि क्या अधिनियम के अनुसरण में बनाए गए नियम डिजिटल मीडिया को प्रभावित कर सकते हैं या अधिनियम के दायरे से बाहर जा सकते हैं।

याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति जेआर मिधा ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किया। वहीं, ट्विटर ने दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया उसने केंद्र सरकार के नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का पालन नहीं किया है लेकिन वह ऐसा करने की प्रक्रिया में है।

दूसरी ओर, केंद्र ने एचसी को बताया कि मध्यवर्ती संस्थाओं को 26 फरवरी से नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था और ट्विटर द्वारा गैर-अनुपालन के 41 दिन हो गए हैं।

न्यायालय ने ट्विटर से पूछा कि एक नया शिकायत अधिकारी नियुक्त करने में कितना समय लगेगा। यहाँ तक ​​कि कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार को भी हरी झंडी दे दी क्योंकि इसे सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी।