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भारतीय शिक्षा पर अधिक व्यय की आवश्यकता, जीडीपी का 6 प्रतिशत भाग- नीति आयोग

भारत के नीति निर्धारण के प्रबुद्ध मंडल नीति आयोग (NITI) ने अपनी एक रिपोर्ट ‘नव भारत हेतु कार्यनीति @75’में कहा है कि भारत को अपने शिक्षा पर होने वाले व्यय को बढ़ाना होगा और 2022 तक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का न्यूनतम 6 प्रति शत भाग शिक्षा के लिए निर्धारित होना चाहिए, इंडिया टुडे  ने रिपोर्ट किया।

जो रिपोर्ट नीति (NITI) आयोग द्वारा बनाई गई है वह एक व्यापक राष्ट्रीय नीति है जो ‘नव भारत’ के लिए 2022-23 में लक्ष्य निर्धारित करेगी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ल्ड बैंक के 2013 के डाटा के अनुसार केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.8 प्रति शत ही खर्च किया गया है, जो कि वार्षिक औसत 4.7 प्रति शत से भी बहुत कम है।

नीति (NITI) आयोग की रिपोर्ट में विद्यालय शिक्षा, उच्च शिक्षा और व्यवसायिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है। आयोग ने अपने सुझावों में भर्ती में संशोधन, अध्ययन के परिणामों, रोज़गार और स्कूली बच्चों में तनाव कम करने जैसे विषयों को भी शामिल किया है।

रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि हालाँकि प्राथमिक स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया संतोषजनक है लेकिन जो भर्ती हुई है उसके अध्ययन के परिणामों को सुधारने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में व्यावसायिक शिक्षा को कक्षा 8 से प्रारम्भ कर देने की बात कही है।

अभिभावकों का मानना है कि निजी विद्यालय में शिक्षा का स्तर बेहतर होता है इस बदलते दृष्टिकोण को भी रिपोर्ट ने प्रकाशित किया है।