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जम्मू-कश्मीर में नया अधिवासी नियम लागू, 15 वर्ष रहने वाला कहलाएगा स्थाई निवासी

केंद्र सरकार ने बुधवार को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केंद्र शासित प्रदेश जम्म-कश्मीर में अधिवासी नियम लागू कर दिया है। वहाँ पर 15 वर्ष से रह रहे नागरिक ही स्थाई निवासी होने का हक हासिल कर सकेंगे।

हिंदुस्तान लाइव की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम 10 वर्षों के लिए केंद्र शासित प्रदेश में काम करने वाले अधिकारियों के बच्चे और उल्लेखित शर्तों को पूरा करने वाले प्रवासी स्थाई निवास के लिए पात्र हो सकते हैं।

नए अधिवासी नियम के मुताबिक, स्थाई निवासी हर उस व्यक्ति को माना जा सकता है, जो केंद्र शासित प्रदेश में पिछले 15 वर्षों से रह रहा हो या फिर सात साल उसने वहाँ रहकर पढ़ाई की हो या जम्मू-कश्मीर के किसी शैक्षणिक संस्थान से 10वीं और 12वीं की परीक्षा दी हो।

इस आदेश से पूर्व अगस्त से पहले तत्कालीन राज्य में अनुच्छेद 35ए के तहत राज्य की सरकार को यह अधिकार था कि वह तय कर सके कि किसे स्थाई नागरिक माना जाएगा और किसे नहीं।

इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “अगर भारत सरकार के पास कोरोनावायरस जैसी महामारी के बीच अधिवास कानून जारी करने का समय है तो उन्हें महबूबा मुफ्ती को रिहा करने का समय क्यों नहीं मिल सकता है। ऐसे समय हमारे सभी प्रयास और पूरा ध्यान कोरोना वायरस से लड़ने पर केंद्रित होने चाहिए थे।”