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पराक्रम दिवस के रूप में मनाई जाएगी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, केंद्र सरकार की घोषणा

सरकार ने 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

संस्कृति मंत्रालय ने मंगलवार (19 जनवरी) को जारी एक अधिसूचना में कहा कि भारत के लोग नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी 125वीं जयंती वर्ष में इस महान देश के लिए दिए अपने अभूतपूर्व योगदान के लिए याद करेंगे।

अधिसूचना में कहा गया कि नेताजी की अदम्य भावना और राष्ट्र के प्रति नि:स्वार्थ सेवा का सम्मान करते हुए उन्हें याद करने के लिए भारत सरकार ने हर वर्ष 23 जनवरी को पराक्रम दिवस के रूप में उनका जन्मदिवस मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य देश के लोगों, विशेष रूप से युवाओं को देशभक्ति के लिए प्रेरित करना है।

मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा कि नेताजी का जन्मदिन 2021 से हर वर्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार तरीके से मनाया जाएगा।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि सरकार ने इस महीने की शुरुआत में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 85 सदस्यीय समिति का गठन किया था। यह समिति दिल्ली, कोलकाता सहित नेताजी और आज़ाद हिंद फ़ौज से जुड़े अन्य स्थानों पर भारत के साथ विदेशों में भी स्मरणोत्सव गतिविधियों के लिए मार्गदर्शन करेगी।