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नेपाल ने नया मानचित्र जारी कर पिथौरागढ़ के लिपुलेख और कालापानी को बताया अपना

नेपाल ने सोमवार को अपना नया मानचित्र जारी कर उसमें पिथौरागढ़ के लिपुलेख और कालापानी को अपना क्षेत्र बताते हुए नई अंतर-राष्ट्रीय सीमारेखा तय करने का दावा किया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रीपरिषद में रविवार को नया राजनीतिक मानचित्र प्रस्तुत किया गया। मंथन और विदेश मामलों के जानकारों से विचार-विमर्श के बाद सोमवार को मंत्रीपरिषद ने सर्वसम्मति से नये नक्शे पर मुहर लगाई। इसमें उसने लिपुलेख के साथ कालापानी को अपना बताते हुए इन पर भारत के अतिक्रमण की बात कही।

नेपाल ने उत्तराखंड से लगती 805 किमी सीमा में बदलाव किया है। उसने लद्दाख, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ ही चीन से लगती सीमा को पूर्ववत ही रखा है। इसके साथ उसने पिथौरागढ़ के कुटी, नाबी व गुंजी पर भी अपना दावा किया है।

बता दें कि 2 नवंबर 2019 को भारत ने नक्शा जारी किया, जिसमें लिंपियाधुरा, लिपुलेख व कालापानी भी शामिल रहे। इस पर नेपाल ने विरोध जताए हुए इसे वास्तविक नक्शे के विपरीत बताया। दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद विवाद थमा। फिर मई के पहले सप्ताह में चीन सीमा तक बनी गर्बाधार-लिपुलेख सड़क के बाद नेपाल ने इसे नए सिले से तूल देना शुरू कर दिया था।