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केपी शर्मा ओली नेपाल में राजनीतिक उठा-पटक के बीच फिर बन गए प्रधानमंत्री

नेपाल में राजनीतिक उठा-पटक के बाद केपी शर्मा ओली को देश के प्रधानमंत्री के रूप में फिर से नियुक्त किया गया। दरअसल, विपक्षी दल काठमांडू की संसद में बहुमत हासिल करने में विफल रहा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के सोमवार (10 मई) को विश्वास मत खोने के बाद नेपाली राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने विपक्षी दलों को गुरुवार (13 मई) रात 9 बजे तक नई सरकार बनाने के लिए बहुमत वाले सांसदों के समर्थन के साथ आने के लिए कहा था।

इसके बाद शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व में नेपाली कांग्रेस (नेकां) ने प्रधानमंत्री पद के लिए अपने दावे की घोषणा की। देउबा को नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड का भी समर्थन प्राप्त था।

हालाँकि, देउबा के आवास पर एनसी के वर्तमान और पूर्व पदाधिकारियों की एक बैठक ने निष्कर्ष निकाला कि नेकां के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन करने या न करने पर जनता समाजवादी पार्टी (जेएसपी) में हुए विभाजन ने वैकल्पिक सरकार के गठन को मुश्किल बना दिया।

परिणामस्वरूप, केपी शर्मा ओली आज दोपहर 2.30 बजे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। हालाँकि, यह भी गौर किया जाना चाहिए कि नियमों के अनुसार, उन्हें नियुक्ति की तारीख से 30 दिनों के भीतर विश्वास मत हासिल करना होगा। उनकी पार्टी की नेपाली संसद में 121 सीटें हैं।