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नक्सल प्रभावित जिले रह गए 60, पिछले पाँच वर्षों में 43 प्रतिशत कम हुई हिंसा

राज्यसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी के एक जवाब के अनुसार, पिछले पाँच वर्षों में नक्सल हिंसा में उल्लेखनीय 43 प्रतिशत की गिरावट आई है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस  की रिपोर्ट के अनुसार, रेड्डी के जवाब से यह जानकारी भी मिली कि लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीमिज्म (एलडब्ल्यूई) की भौगोलिक सीमा भी कम हो गई। इस तरह 2018 में नक्सलीय घटना से केवल 60 जिले ही प्रभावित नजर आए।

मंत्री ने कहा, “इनमें से केवल 10 जिलों के दो तिहाई हिस्सों में ही एलडब्ल्यूई की हिंसा है। इससे संबंधित हिंसा की घटनाओं में अप्रैल 2014 से मई 2019 के बीच पिछले पाँच वर्षों की अवधि की तुलना में 43 प्रतिशत की कमी आई है।”

2015 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना बनाई थी, जिसने बहुस्तरीय दृष्टिकोण का उपयोग करके एलडब्ल्यूई से निपटने का प्रयास किया। प्रभावित जिलों में विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए कल्याणकारी अधिकारों को लोगों तक पहुँचाना सुनिश्चित किया। ये सब सुरक्षा उपायों के जरिए नक्सली विद्रोहियों के खिलाफ एकसाथ अभियान चलाते हुए किया गया।

इसके अलावा, एक विशेष केंद्रीय सहायता कोष ने सबसे ज्यादा एलडब्ल्यूई से प्रभावित जिलों में सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार की मंजूरी प्राप्त की है। इसके तहत आने वाले जिलों में 1,000 करोड़ रुपये खर्च करते हुए विकास कार्य किए जाएँगे।