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भारत-चीन के सैन्य अभ्यास से पहले भारतीय नौसेना ने चीन को जासूसी करते पकड़ा

आतंकवाद के खिलाफ आपसी क्षमताओं को बढ़ाने हेतु 260 भारतीय एवं चीनी सैनिक 7 दिसंबर से मेघालय में संयुक्त सैन्य अभ्यास करने वाले थे लेकिन इससे पहले भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने कुछ हफ्ते पहले एक चीनी पोत की पहचान कर उसे निष्कासित किया था।

इंडिया टुडे की खबर के अनुसार यह चीनी पोत अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर क्षेत्र के पास भारत के खिलाफ जासूसी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है।

सूत्रों ने बताया, “चीनी अनुसंधान पोत शी यान-1 को पोर्ट ब्लेयर के पास अनुसंधान गतिविधियों को अंजाम देते देखा गया था जिसके बाद भारतीय नौसेना के युद्धपोत ने चीनी पोत को भारतीय जल सीमा छोड़ने के लिए कहा गया था।”

चीनी पोत पोर्ट ब्लेयर के पश्चिम में भारतीय जलक्षेत्र में डेरा डाले हुए था और इसी क्षेत्र में अनुसंधान गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय कानून विदेशी देशों को अपने जल सीमा में अनुसंधान या अन्वेषण गतिविधियों को करने की अनुमति नहीं देते हैं और बाद में पोत क्षेत्र से बाहर चला गया था। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना भारतीय जल पर चलने वाले चीनी पोत पर कड़ी नज़र रखती है और निरंतर सतर्क रहती है।

इस घटना से ऐसा लगता है कि पोत का उपयोग पोर्ट ब्लेयर क्षेत्र में पानी के नीचे एवं सतह पर तैनात भारतीय नौसेना के जहाजों की निगरानी के लिए किया जा रहा था। अंडमान भारत का रणनीतिक द्वीप है जहाँ से भारत हिंद महासागर क्षेत्र और दक्षिण पूर्व एशिया पर नजर रख सकता है।