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एलसीए तेजस पहली बार नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस-विक्रमादित्य पर उतरा

एक और कामयाबी हासिल करने के बाद, सेवारत हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, एलसीए नौसेना का वाहक संस्करण है जोकि पहली बार भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस-विक्रमादित्य पर सफलतापूर्वक उतरा।

लिवेफिस्ट की रिपोर्ट के अनुसार एक रक्षा ब्लॉक जिसे शिव अरूर द्वारा चलाया जाता है, उसमे लिखा गया कि एलएसी नौसेना का एक नमूना, विमान वाहक के डेक पर उतरा।

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भी इस खबर की पुष्टि की है। “कमोडोर जयदीप मोलांकर ने पहली लैंडिंग की।”, डीआरडीओ ने ट्विटर पर कहा।

पिछले साल सितंबर में, विमान ने गोवा में एक तट-आधारित परीक्षण सुविधा में, “रुद्ध उतरने”, को सफलतापूर्वक किया था।

दिसंबर 2016 में, नौसेना ने घोषणा की थी कि वह लड़ाकू विमान को शामिल नहीं करेगी क्योंकि ये, “अधिक वजनी”, और वाहक-संचालन के लिए अनुपयुक्त है। लड़ाकू विमान, जो, “बहुत भारी”, है एक विमान वाहक से ,”पूर्ण ईंधन और हथियारों”, को उतारने हेतु, “जोर-भार के अनुपात”, की आवश्यकता को पूरा नहीं करता है, नौसेना ने कहा था।

“हम डीआरडीओ, हिंदुस्तान वैमानिकी लिमिटेड (एचएएल) और वैमानिकी विकास एजेंसी (एडीए) का समर्थन करना जारी रखेंगे, लेकिन नौसेना एलसीए तेेजस अपने वर्तमान रूप में दुर्भाग्य से वाहक क्षमता के लिए हमारी गुणात्मक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है।”, तत्कालीन नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं को बताया था।

हालांकि, लांबा ने कहा था कि नौसेना परियोजना का समर्थन करना जारी रखेगी।

उन्होंने कहा, “हम स्वदेशीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने एलसीए नौसेना परियोजना का समर्थन किया है और हम इसका समर्थन करना जारी रखेंगे।”