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मध्य प्रदेश में टूटी सचिवालय पर राष्ट्र गीत गाने की परंपरा, शिवराज का विरोध

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा 13 वर्ष पुरानी प्रत्येक महीने की पहली तारीख को राज्य सचिवालय पर वंदे मातरम् गाने की परंपरा तोड़े जाने से भाजपा नाराज़ है, हिंदुस्तान टाइम्स  की रिपोर्ट में बताया गया।

रिपोर्ट के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि यदि कांग्रेस राष्ट्र गीत गाने में शर्म महसूस करती है तो वे स्वयं लोगों के साथ राज्य के सचिवालय प्रांगण में राष्ट्र गीत गाएँगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हमेशा की तरह कैबिनेट सभा के पहले तथा प्रत्येक महीने की पहली तारीख को वल्लभ भवन में राष्ट्र गीत गाना चाहिए।

एक ट्वीट में उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् सिर्फ राष्ट्रीय गीत ही नहीं परंतु राष्ट्र भक्ति का पर्याय है। वंदे मातरम् ऐसा मंत्र है जिसका उद्घोष करते हुए भारत माता के हज़ारों सपूत हँसते-हँसते फाँसी पर झूल गए थे।”

एक अन्य ट्वीट में शिवराज ने कहा कि वे और भाजपा के समस्त विधायक विधानसभा सत्र के पहले दिन 7 जनवरी 2019 को वल्लभ भवन प्रांगण में वंदे मातरम् गाएँगे। साथ ही उन्होंने अन्य लोगों को भी इससे जुड़ने की अपील की।

रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी नरेंद्र सलूजा द्वारा प्रस्तुत किए कमल नाथ के बयान के अनुसार, “न तो हमने कोई ऐसा निर्णय लिया है और न ही हम वंदे मातरम् गाने का विरोध करते हैं। वंदे मातरम् हमारे हृदय में हैं और हम भी समय-समय पर गाते हैं। हम इसे भिन्न तरीके से पुन: आरंभ करेंगे।”

13 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को न निभाने पर राजनीतिक कटाक्ष का दौर चल पड़ा है। उल्लेखनीय है कि शिवराज के कार्यकाल में आरंभ हुई यह परंपरा लगातार 2005 से चली आ रही थी।