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शुरुआती 50 दिनों में सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं, विदेश नीति पर मोदी 2.0 के कार्य

राष्ट्रीय सुरक्षा, नई कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और महत्वपूर्ण विदेश नीति पर ध्यान केंद्रित करने के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने दूसरे कार्यकाल के पहले 50 दिनों में तेजी से निर्णय लिए।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए जम्मू-कश्मीर बैंक पर पाबंदी लगाई, जो टेरर फंडिंग से जुड़े थे और जिनका घाटी के अलगाववादी दुरुपयोग कर रहे थे। केंद्र ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वित्तीय लाभ में सुधार करने का भी फैसला किया।

सरकार ने 49 करोड़ मजदूरों को लाभ पहुँचाने के लिए श्रम सुधारों की घोषणा की। सरकार ने गरीबों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए अनियमित वित्तीय योजनाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। कर छूट के माध्यम से मध्यमवर्गीय लोगों को किफायती घर मुहैया कराने की पेशकश की। सरकार करीब 3 करोड़ खुदरा व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को पेंशन देगी।

लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र ने गरीबों के खिलाफ धोखाधड़ी, बाल यौन उत्पीड़न के लिए मौत की सजा, खरीफ फसलों के लिए उच्च एमएसपी को लेकर कठोर कानून लाने जैसे निर्णय लिए हैं। आर्थिक विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाने पर जोर दिया गया।

50 दिनों में देश के बुनियादे ढाँचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया गया है। इसके लिए अगले 5 वर्षो में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए अगले 5 वर्षों में 100 लाख करोड़ रुपये निवेश होंगे।

विदेश नीति के मोर्चे पर शुरुआत नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह से हुई, जिसमें देश-विदेश के कई नेता शामिल हुए। जून में प्रधानमंत्री ने शंघाई कोऑपरेशन समिट और जापान के ओसाका में जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इनमें उन्होंने द्विपक्षीय समझौतों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति सहित कई नेताओं संग बैठकें कीं। श्रीलंका और मालदीव का दौरा कर नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी में अपना विश्वास दिखाया।