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इलेक्ट्रॉनिक्स नीति- 2025 तक 100 करोड़ मोबाइल फोन का भारत में होगा निर्माण

मंगलवार (19 फरवरी) को केंद्रीय कैबिनेट ने एक नई राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति की मंजूरी दे दी है। इस नीति का उद्देश्य 2025 तक 26 लाख करोड़ रुपयों का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है और साथ ही एक करोड़ लोगों को रोज़गार देने का लक्ष्य भी है।

कैबिनेट बैठक के बाद सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अपने बयान में कहा है, “हमरा लक्ष्य 2025 तक 400 बिलियन डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करने के साथ-साथ एक करोड़ लोगों को रोज़गार देने का भी है”।

उन्होंने कहा है कि 2012 की नीति को का पूरी तरह संशोधन किया गया है और उसके बाद यह राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति बनाई गई है।

इस नीति में जो बातें सामने आई हैं उनमें सरकार ने 2025 तक 13 लाख करोड़ रुपयों की लागत से 100 करोड़ मोबाइल फोन तैयार करने की बात की है जिसमें से सात लाख करोड़ की लागत से 60 करोड़ मोबाइल फोन को एक्सपोर्ट करने का लक्ष्य रखा है।

प्रसाद का कहना है कि 2014-2015 में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन 5.5 प्रतिशत था जो 2017-18 में बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गया है, वहीं सरकार इसको 2025 तक 3233 प्रतिशत तक पहुँचाना चाहती है।

मंत्री बयान में कहा है कि सरकार की योजना है कि घरेलू उत्पादकों को ब्याज में छूट और क्रेडिट गारंटी देकर उनका आर्थिक भार कम किया जाएगा साथ ही इस नीति में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में पेटेंट को बढ़ावा देने के लिए अलग से पूंजी बनाने का प्रस्ताव भी रखा है।

सरकार की इस नीति का उद्देश्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मेनुफैक्चरिंग के लिए  विश्व में प्रोत्साहित करना है।

प्रसाद का कहना है, “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी तब भारत में मोबाइल उत्पादन की सिर्फ दो कंपनी थी जो कि अब बढ़ कर 127 कंपनी हो गई है जो लगभग पांच लाख लोगों को रोजगार दे रही हैं”।