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नासा ने खोजा विक्रम लैंडर, भारतीय इंजीनियर ने चांद की सतह पर मलबे के सबूत दिए

चंद्रमा की सतह पर सितंबर में दुर्घटनाग्रस्त हुए चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने ढूंढ निकाला है। उसने मंगलवार को अपने लूनर रिकॉनेसां ऑर्बिटर (एलआरओ) से ली गई तस्वीर जारी की। इसमें लैंडर के टकराने वाले दुर्घटनास्थल से लेकर जहाँ तक उसका मलबा फैला है, उस क्षेत्र को दिखाया गया।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, नासा का कहना है, “भारतीय इंजीनियर शनमुग सुब्रमण्यम ने मलबे से जुड़े सबूत एजेंसी को दिए थे। इसके बाद ही नासा ने लैंडर की खोज की। सुब्रमण्यम भारतीय कंप्यूटर प्रोग्रामर और मैकेनिकल इंजीनियर हैं।”

तस्वीरों में विक्रम लैंडर से प्रभावित जगह नज़र आ रही है। नासा ने एक बयान जारी कर कहा, “विक्रम लैंडर मिल गया है। तस्‍वीर में नीले और हरे धब्बों के माध्‍यम से यान के मलबे वाला क्षेत्र दिखाया गया है। ग्रीन धब्बों से विक्रम लैंडर का मलबा रेखाँकित किया गया है। ब्लू धब्बों से चांद की सतह में क्रैश के बाद आए फर्क को दिखाया गया है। ‘एस’ अक्षर के जरिए लैंडर के उस मलबे को दिखाया गया है, जिसकी पहचान वैज्ञानिक शनमुग सुब्रमण्यम ने की।

नासा ने कहा, “उसने 26 सितंबर को क्रैश साइट की एक तस्‍वीर जारी की थी और लोगों को विक्रम लैंडर के संकेतों की खोज के लिए बुलाया था। इसके बाद शनमुग सुब्रमण्यम ने चांद की सतह पर मलबे की पहचान करने के बाद ही नासा के एलआरओ प्रोजेक्ट से संपर्क किया। उनके दिए सबूतों के आधार पर एलआरओ टीम ने चांद की सतह की क्रैश के पहले और बाद की फोटोज का विश्लेषण किया। यहीं से पुष्टि हुई कि चांद पर पड़ा मलबा चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का है।”