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आंध्र प्रदेश में फिर हुआ मंदिर पर हमला, चित्तूर में नंदी की मूर्ति तोड़ी, जाँच शुरू

आंध्र प्रदेश में चित्तूर जिले के गंगाधारा नेल्लोर मंडल के अगारा मंगलम गाँव में अज्ञात उपद्रवियों ने एक हिंदू मंदिर पर हमला कर दिया। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में नंदी की मूर्ति रविवार (27 सितंबर) सुबह अपने स्थान के पास टूटी हुई पाई गई। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।

आंध्र प्रदेश में हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। अब इस कड़ी में एक नाम इसका भी शामिल हो गया है। इस वर्ष कई ऐसी घटनाएँ हुई हैं, जिन्होंने भक्तों को सड़कों पर विरोध करने को मजबूर किया।

इस माह की शुरुआत में राज्य के पूर्वी गोदावरी में एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल अंतरवेदी के लोगों में गुस्सा है। दरअसल, रात में पीतांबरधारी श्री लक्ष्मी नरसिम्हा के 62 वर्षीय पुराने रथ को जला दिया गया था।

ऐसे ही घटना फरवरी में नेल्लोर में हुई। वहाँ प्रसन्ना वेंकटेश्वर मंदिर में एक रथ को जला दिया गया। उसी माह गुंटूर जिले के रोमपीचेरला गाँव में श्रीवेणु गोपाल स्वामी मंदिर में देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा गया। भगवान गणेश की मूर्ति कथित तौर पर चोरी हो गई।

जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी सरकार कार्यकाल की शुरुआत से ही विवादों में है। आरोप है कि उनकी सरकार, जो एक धर्मनिष्ठ ईसाई मिशनरी परिवार से संबंध रखती है, ने राज्य में आक्रामक समूहों को छूट दे रखी है।

हालाँकि, आंध्र प्रदेश सरकार ने इसे बदनाम करने की साजिश बताई। नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री कोडाली नानी ने मंदिरों को निशाना बनाने वाली घटनाओं को लेकर असंवदेनशील टिप्पणी की थी।

उन्होंने कहा था, “क्या हुआ अगर मूर्तियाँ गायब हो गईं? यदि मूर्तियों के साथ बर्बरता की जाती है, तो देवता अप्रभावित रहेंगे?” हाल ही में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अपराधों को लेकर प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में सैकड़ों लोग मुख्यमंत्री आवास के बाहर एकत्रित हुए थे।