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नमामि गंगे परियोजना पर 4 वर्षों में पिछले 30 सालों से छः गुना खर्च- गडकरी

केंद्रीय नदी विकास, जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण मंत्री, नितिन गडकरी ने कहा कि गंगा संरक्षण पर पिछली सरकारों ने वर्ष 1984 से लेकर वर्ष 2014 तक मात्र 4000 करोड़ की राशि खर्च की थी, वहीं वर्तमान एनडीए सरकार ने गत चार वर्षों में 254 विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 24,000 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।

उन्होंने कहा कि स्वीकृत की गई राशि में से करीब 4000 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। कार्यों का विवरण देते हुए गडकरी ने कहा, “इन 254 विभिन्न योजनाओं में से मल प्रबंधन हेतु 133 योजनाएँ , जैविक उपचार हेतु 11 योजनाएँ, नालों के शोधन हेतु 1 प्लांट, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता हेतु 1 योजना, घाट तथा शवदाहगृहों हेतु 64 योजनाएँ, जैव संरक्षण हेतु 6 योजनाएँ तथा अन्य 16 वनीकरण योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने हेतु गंगा की अविरलता के लिए निर्देश भी दिए हैं।

केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास गृह राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि गंगा नदी से 5 किलोमीटर से कम दूरी पर स्थित 97 छोटे शहरों को सूचीबद्ध किया गया है जिनमें स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत खुले में शौच तथा मलत्याग रोकने हेतु प्रावधान किए जाएँगे।
हाल ही में, एक रिपोर्ट के अनुसार, इंजीनियरों ने, एशिया के सबसे पुराने नाले “सीसामऊ नाला” के 14 करोड़ लीटर दूषित जल का गंगा नदी में विलय रोकने में सफलता पाई है।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने देश के राष्ट्रीय जलमार्ग क्र.1 पर मल्टी मॉडल टर्मिनल का शिलान्यास भी किया।

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