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पूर्व सीबीआई अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव अवमानना के दोशी

मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव पर बिहार शेल्टर होम मामले में सज़ा सुनाई। सर्वोच्च न्यायालय ने नागेश्वर राव को पूरे दिन कोर्ट के एक कोने में बैठने को कहा। सर्वोच्च न्यायालय ने नागेश्वर राव और केंद्र जांच ब्यूरो के अधिकारियों को अदालत की अवमानना का दोषी बताते हुए सभी पर एक–एक लाख का जुर्माना लगाया है।

सर्वोच्च न्यायालय ने नागेश्वर राव को फटकार लगते हुए कहा कि उन्हें पता होना चाहिए था कि बिहार शेल्टर होम मामले की जांच के बीच में अधिकारी ए के शर्मा को हटाने का क्या परिणाम होगा, एनडीटीवी इंडिया की खबर में बताया।

सीजेआई गोगोई ने नागेश्वर राव के लिए पेश हुए अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल से पूछते हुए कहा “अगर एक दिन बाद रिलीविंग ऑर्डर साइन होता तो क्या आसमान टूट पड़ता?”

सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले हफ्ते नागेश्वर राव को अवमानना का दोषी बताया था जो बिहार शेल्टर होम मामले मै जांच पड़ताल कर रहे एके शर्मा का तबादला किया।