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मरुस्थलीकरण की समस्या पर संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन का आयोजन पहली बार भारत में

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मीडियाकर्मियों को जानकारी दी कि मरुस्थलीकरण की समस्या पर भारत सितंबर-2019 में संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन ऑफ कॉम्बैट डेजर्टिफिकेशन (यूएनसीसीसीडी) के प्रतिष्ठित सम्मेलन (सीओपी-14) के 14वें सत्र की मेजबानी करेगा।

द हिंदू  की रिपोर्ट के अनुसार, प्रकाश जावड़ेकर ने बताया, “सम्मेलन 2 से 14 सितंबर के बीच नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इसमें 197 देशों के 5,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।”

भारत में वर्तमान में मरुस्थलीकरण का मुद्दा गंभीर है। देश में कम उपजाऊ भूमि बची होने से लोग कृषि से वंचित हो रहे हैं। इसी को देखते हुए सीओपी-14 की बैठक से पहले जावड़ेकर ने मंगलवार को वन परिदृश्य बहाली और भारत की क्षमता को बढ़ाने के लिए बॉन चैलेंज के तहत एक प्रमुख परियोजना का शुभारंभ किया।

यह परियोजना हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, नागालैंड और कर्नाटक में साढ़े तीन साल के पायलट चरण पर लागू की जाएगी। इसके बाद परियोजना का पूरे देश में विस्तार किया जाएगा। इसमें बेकार भूमि को पुनर्स्थापित करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं और निगरानी से विकसित करने में मदद की जाएगी।