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जम्मू-कश्मीर का एक हिस्सा जवाहर लाल नेहरू की वजह से अलग हुआ- मुज़फ्फर हुसैन बेग

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के संरक्षक और पूर्व उपमुख्यमंत्री मुज़फ्फर हुसैन बेग ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान का कब्जा पंडित जवाहर लाल नेहरू की मर्जी से हुआ था। उसके बाद एक हिस्सा उधर चला गया और एक इस तरफ रह गया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर का मसला तभी हल हो सकता है, जब पाकिस्तान भारत में आतंकवादियों को भेजना बंद कर दे और ईमानदार से बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाए।”

उन्होंने आगे कहा, “यह कहना गलत है कि दो राष्ट्रो के सिद्धाँत की मर्जी वीर सावरकर या जिन्ना की थी। यह अंग्रेजों का सिद्धाँत था, जिसने देश को बाँट दिया। अगर ऐसा न होता तो आज हम दुनिया की सबसे बड़ी ताकत होते। इसका असर अफगानिस्तान, ईरान और रूस पर होता।

बेग ने कहा, “राज्य से कश्मीरी पंडितों का पलायन बेहद दुखद है। उनकी स्थिति ठीक नहीं है। कश्मीर का इस्लाम तो सूफीवादी है, बहावी इस्लाम नहीं था लेकिन 1990 में सब कुछ बदल गया। हम चाहते हैं कि वे वापस आ जाएँ। भारत सरकार, जम्मू के डोगरा और कश्मीर के मुस्लिमों और यहाँ के प्रशासन को मिलकर प्रयास करना होगा, तभी कश्मीरी पंडित घाटी में वापस लौट सकेंगे।