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“मुस्लिमों को क्रोधित होकर फ्रांसीसियों को मारने का अधिकार”- पूर्व मलेशियाई प्रधानमंत्री

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने गुरुवार (29 अक्टूबर) को एक ट्वीट में कहा, “मुस्लिमों को अतीत के नरसंहारों के लिए क्रोधित होने और लाखों फ्रांसीसियों को मारने का अधिकार है।”

महातिर मोहम्मद का दावा है कि फ्रांस ने अपने इतिहास के दौरान लाखों लोगों को मार डाला, जिनमें से कई मुस्लिम थे। ये टिप्पणियाँ मोहम्मद ने फ्रांसीसी इतिहास शिक्षक सैमुअल पैटी की निंदा के संदर्भ में की थीं।

फ्रांस के नीस में आतंकी हमले की खबर के तुरंत बाद पोस्ट किए गए ट्वीट पर मोहम्मद का कहना है, “चूँकि आपने एक क्रोधित व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य से सभी मुसलमानों और मुस्लिमों के धर्म को दोषी ठहराया है। ऐसे में मुसलमानों को फ्रांसीसियों को दंडित करने का अधिकार है। इतने वर्षों में फ्रांसीसियों द्वारा की गई गलतियों की भरपाई सिर्फ बहिष्कार से नहीं की जा सकती है।”

मोहम्मद ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को बहुत असभ्य कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैक्रॉन यह नहीं दिखा रहे कि वह सभ्य हैं। वे अपमानजनक स्कूल शिक्षक की हत्या के लिए इस्लाम और मुसलमानों के धर्म को दोष देने में बहुत आगे हैं। यह इस्लाम की शिक्षाओं के अनुरूप नहीं है।”

मोहम्मद इस साल फरवरी तक मलेशिया के प्रधानमंत्री थे। उन्होंने सितंबर 2019 में अपने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) संबोधन में कश्मीर में भारत को आक्रमणकारी और कब्जा करने वाला कहा था।

जवाब में भारत ने मलेशिया का आर्थिक बहिष्कार शुरू कर दिया। उसने विशेष रूप से ताड़ के तेल के उद्योग पर प्रभाव डाला, जिसने देश पर भारी बोझ डाल दिया।