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“मुस्लिम चरमपंथी संगठन केरल में माओवादियों का समर्थन कर रहे हैं”- सीपीआई(एम)

सीपीआई(एम) ने सोमवार (18 नवंबर) को यह कहते हुए नया विवाद खड़ा कर दिया है कि केरल में माओवादियों का समर्थन कुछ मुस्लिम चरमपंथी संगठन कर रहे हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स  की रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के कोझीकोड के जिला सचिव पी मोहनन ने कहा, “हमारे पास जानकारी है कि कुछ मुस्लिम चरमपंथी संगठन उत्तर केरल में माओवादियों का समर्थन कर रहे हैं। उनके बीच घनिष्ट संबंध हैं। इसके पीछे कुछ कोझीकोड स्थित चरमपंथी संगठन हैं। हमें इसकी जाँच करने के लिए पुलिस की आवश्यकता है। मुस्लिम चरमपंथी संगठन माओवादियों को पानी और खाद मुहैया करा रहे हैं।”

हालाँकि, मोहनन ने किसी संगठन का नाम नहीं लिया। उनकी टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस के साथ मुठभेड़ में 4 माओवादियों की मौत और उनसे संबंध रखने के आरोप में 2 सीपीआई (एम) स्वयंसेवकों को गिरफ्तार किया गया था।

ताहा फज़ल और एलन शुहैब को पुलिस ने हाल ही में माओवादी पर्चे बाँटने के लिए गैरकानूनी रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया था। गत माह मुठभेड़ में पलक्कड़ के जंगलों में नेता मणिवसगाम सहित 4 माओवादी मारे गए थे।

भाजपा नेता केबी गोपालकृष्णन ने कहा, “हम काफी समय से कह रहे हैं कि दिन में वे सीपीआई (एम) के कार्यकर्ता होते हैं पर रात में वे कट्टरपंथी संगठनों के सदस्य बन जाते हैं। हमें खुशी है कि पार्टी को अब यह अहसास हो गया है। उधर, लेफ्ट पार्टी ने जिस एनकाउंटर को फर्जी बताया था, साथ ही अपने कैडरों पर यूएपीए की कार्रवाई की आलोचना की थी, उसने मोहनन के विचारों से खुद को अलग कर लिया है।

सीपीआई (एम) सचिव कनम राजेंद्रन ने कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने किस संदर्भ में दोनों को मिलाया। हमने ऐसे किसी सिद्धांत के बारे में कभी नहीं सुना। हमारी पार्टी को लगता है कि गोलियाँ वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों का जवाब नहीं हैं।”