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अर्णब गोस्वामी पुराने आत्महत्या के लिए उकसावे के मामले में मुंबई पुलिस की हिरासत में

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बुधवार (4 नवंबर) को हिरासत में लिया गया। मुंबई पुलिस ने उन्हें उनके घर से हिरासत में लिया है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अर्णब गोस्वामी ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है। रिपब्लिक टीवी ने उनकी लाइफ फुटेज भी दिखाई, जिसमें पुलिस से झड़प होती नज़र आ रही है।

मुंबई पुलिस पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए अर्णब ने कहा, “मुझे परिवार से बात करने से रोका गया। दवा देने से रोका गया। मेरे सास-सुर, बेटे और पत्नी से मारपीट की गई।” फुटेज के अनुसार, अर्णब ने भी पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया है।

अर्णब को हिरासत में लेने की की केंद्रीय मत्री प्रकाश जावेड़कर ने निंदा की है। उन्होंने कहा, “हम महाराष्ट्र में प्रेस की स्वतंत्रता पर हमले की निंदा करते हैं। यह बर्ताव का तरीका नहीं है। यह हमें आपातकाल के उन दिनों की याद दिलाता है, जब प्रेस के साथ इस तरह का व्यवहार होता था।”

बता दें कि आर्किटेक्ट अन्वय नायक ने मई 2018 में आत्महत्या की थी। उन्होंने खुदकुशी के बाद एक पत्र छोड़ा था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि वह आत्महत्या के लिए मजबूर हैं क्योंकि अर्णब ने उन्हें 5.40 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया।

नायक और उनकी माँ अलीबाग तालुक के कवीर गाँव स्थित फार्महाउस में मृत मिले थे। पीड़ित की पत्नी अक्षता नायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। वह घटना के वक्त घर में ही मौजूद थीं।