समाचार
मुकेश अंबानी के पारिवारिक मूल्य, 458 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर बचाया भाई को

स्वीडन की उपकरण प्रदाता कंपनी एरिकसन का ऋण भुगतान करने में असक्षम होने के कारण रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी तीन महीने की जेल जाने से बाल-बाल बचे जब रिलायंस कम्युनिकेशन ने 460 करोड़ रुपये देकर इस ऋण का भुगतान किया गया।

458.77 करोड़ रुपये जमा करने की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई समय सीमा मंगलवार (19 मार्च) से मात्र एक दिन पहले ही यह भुगतान किया गया। अंततः अनिल के बड़े भाई और भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने यह भुगतान कर अपने छोटे भाई को बचाया।

पत्र लिखकर अनिल अंबानी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। “मैं हृदय से अपने बड़े भाई मुकेश और नीता को आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने इस कठिन समय में मेरा साथ दिया और एक पारिवारिक मूल्यों का परिचय दिया। मैं और मेरा परिवार इसके लिए कृतज्ञ हैं।”, पत्र में लिखा था।

2002 में उनके पिता धीरूभाई अंबानी की मृत्यु के बाद दोनों भाइयो में बँटवारा हो गया था जब अनिल अंबानी ने टेलीकॉम और मुकेश ने तेल और पेट्रोकेमिकल का कारोबार अपने पास रखा था। इसके बाद असफलताओं के कारण अनिल ऋण में धँसते चले गए और मुकेश एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए।