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फ्रांसीसी विपक्षी नेता ने पाकिस्तानी व बांग्लादेशी अप्रवासियों पर प्रतिबंध लगाने को कहा

फ्रांसीसी विपक्षी नेता मरीन ले पेन ने दो दक्षिणी एशियाई मुस्लिम देशों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले नागरिकों पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया।

ले पेन ने ट्वीट किया, “#बांग्लादेश और #पाकिस्तान में नए हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए (प्रदर्शनकारी जिन्होंने हमारे राजदूत को सिर कलम करने के लिए बुलाया था) मैं राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर इन देशों से आने वाले नागरिकों पर तत्काल रोक लगाने का आह्वान करती हूँ।”

पाकिस्तान और बांग्लादेश में हजारों मुसलमानों ने सड़कों पर उतरकर इस्लामिक आतंक पर हालिया टिप्पणी के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का पुतला फूँका था। फ्रांसीसी धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के स्पष्ट आह्वान के बाद मैक्रॉन कई मुस्लिम-बहुल देशों के निशाने पर आ गए।

शुक्रवार को पाकिस्तानी इस्लामी मदरसा जामिया हाफ़सा के कट्टरपंथी इस्लामी शिक्षक ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति का महिला छात्रों के सामने पुतला फूंका, जिनमें कई बच्चे भी थे। मोहम्मद के कार्टून बनाने और मैक्रॉन के खिलाफ गुस्सा ज़ाहिर करने के लिए यह कदम उठाया गया।

इस हफ्ते की शुरुआत में हजारों मुसलमानों ने फ्रांस के सामानों के बहिष्कार और उसके साथ अपने राजनयिक संबंधों को तोड़ने की मांग करते हुए ढाका की सड़कों पर प्रदर्शन किया था। इसमें अनुमानित 40,000 लोगों ने मार्च में भाग लिया। इसे बांग्लादेश की सबसे बड़ी इस्लामी पार्टियों में से एक इस्लामी अंदोलन बांग्लादेश द्वारा आयोजित किया गया था।

प्रदर्शनकारियों ने घेराबंदी करने के लिए गुलशन राजनयिक क्षेत्र में स्थित फ्रांसीसी दूतावास की ओर मार्च किया लेकिन पुलिस ने सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया था।

यूरोप के लिए फ्रांसीसी मंत्रालय और विदेश मामलों ने अन्य देशों के बीच बांग्लादेश के नागरिकों को एक सुरक्षा निर्देश जारी किया। उन्हें सावधानी बरतने, कारसेवकों को समर्पित किसी भी प्रदर्शन से दूर रहने और सार्वजनिक समारोह में भाग लेने से बचने की सलाह दी गई है।