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सावरकर की फोटो वाली नोटबुक बाँटने पर प्रधानाचार्य निलंबति, विरोध धरने पर बैठे छात्र

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रतलाम ग्रामीण से विधायक दिलीप मकवाना मंगलवार (21 जनवरी) को मध्य प्रदेश के रतलाम में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य के निलंबन के खिलाफ छात्रों के धरने में शामिल हो गए।

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा वीर सावरकर की फोटो के साथ स्कूली छात्रों को नोटबुक बाँटने पर प्रधानाचार्य आरएन केरावत को राज्य की कांग्रेस सरकार ने निलंबित कर दिया था।

जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा ने बताया, “प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने सावरकर की फोटो वाली नोटबुक बाँटने की मंजूरी देने से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति नहीं ली थी।”

रिपोर्ट के अनुसार, स्कूल के छात्रों ने मंगलवार को अपनी परीक्षा छोड़ दी और वे विधायक के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गए।

दिलीप मकवाना ने कहा, “मैं बच्चों के साथ धरने पर बैठा हूँ। अगर किसी एनजीओ ने प्रतियाँ बाँटी हैं तो इसमें प्रधानाचार्य आरएन केरावत की क्या गलती है। उनकी कोई गलती नहीं है। पहले भी प्रतियाँ बाँटी गई थीं लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इस बार उन्हें ऐसा करने पर निलंबित कर दिया गया।”

भाजपा विधायक ने कहा, “मैंने प्रशासन से बात की और मांग की कि सात दिनों के अंदर प्रधानाचार्य को बहाल किया जाए। अगर उन्हें बहाल नहीं किया जाता है तो हम छात्रों के साथ कलेक्टर से मिलेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो मैं बच्चों के साथ राज्य के मुख्यमंत्री से मिलूंगा।”

एक छात्र ने कहा, “सर ने हमें एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने कहा है कि हमें परीक्षा देनी चाहिए। इसके बाद हमने अपना विरोध समाप्त कर दिया।” एक छात्र ने जानकारी दी कि प्रधानाचार्य के निलंबन के विरोध प्रदर्शन में 80 छात्रों ने हिस्सा लिया था।