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शनि के 20 नए चंद्रमा खोजे गए, 17 घूम रहे विपरीत दिशा में, बृहस्पति को पछाड़ा
आईएएनएस - 8th October 2019

कार्नेगी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के स्कॉट एस शेपर्ड के नेतृत्व में एक टीम ने शनि की परिक्रमा करते हुए 20 नए चंद्रमा खोजे हैं। इस तरह अब शनि के पास 82 चंद्रमा हैं। यानी बृहस्पति के 79 चंद्रमाओं से तीन अधिक। इन नए चंद्रमाओं में प्रत्येक का व्यास लगभग 5 किमी बताया जा रहा है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, 20 में से 17 चंद्रमा शनि के इर्द-गिर्द उल्टी दिशा में घूम रहे हैं। इसका मतलब है कि उनकी चाल अपनी धुरी के आसपास के ग्रह के घूमने के विपरीत है। तीन अन्य चंद्रमा उसी दिशा में परिक्रमा करते हैं, जिस दिशा में शनि घूमता है। ये इतनी दूर हैं कि उन्हें एक परिक्रमा पूरी करने में 2-3 साल लग रहे हैं।

शेपर्ड ने कहा, “इन चंद्रमाओं की कक्षाओं का अध्ययन करने से उनकी उत्पत्ति का पता चलता है। साथ ही इसके गठन के समय शनि के आसपास की स्थितियों के बारे में जानकारी हो सकती है।”

नए चंद्रमाओं की खोज हवाई में सुबारू दूरबीन के ऊपर मौन केआ का उपयोग करके की गई थी। इसको देखने वाली टीम में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय लॉस एंजिल्स के शेपर्ड, डेविड जेविट और हवाई विश्वविद्यालय के जेन क्लीना शामिल थे।

वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे पहले एक बड़ा चंद्रमा होगा, जो अतीत में टूटकर छोटे-छोटे चंद्रमाओं में बंट गया होगा। उन्होंने कहा, “तथ्य यह है कि नए खोजे गए चंद्रमा अपने परिवार के चंद्रमाओं के टूटने के बाद शनि की परिक्रमा जारी रखने में सक्षम हुए हों।”

पिछले वर्ष शेपर्ड ने बृहस्पति की परिक्रमा करते हुए 12 नए चंद्रमाओं की खोज की थी। कार्नेगी ने उनमें से 5 का नाम रखने के लिए एक ऑनलाइन प्रतियोगिता रखी थी। शेपर्ड ने कहा, “इस बार चंद्रमा का नाम नॉर्स, गैलिक या इनुइट पौराणिक कथाओं के दिग्गजों के नाम पर होना चाहिए।”