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आप विधायक के खिलाफ 20 टैंकर मालिकों ने लगाए 60 लाख रुपये घूस लेने के आरोप

आप विधायक प्रकाश जरवाल नए विवाद में फंस गए हैं। हाल ही में हुई जाँच में पता चला है कि दिल्ली के देवली निर्वाचन क्षेत्र के विधायक जरवाल को कथित तौर पर पानी के टैंकर मालिकों से प्रतिमाह लगभग 60 लाख रुपये रिश्वत मिलती थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 20 पानी के टैंकर मालिक यह दावा करते हुए आगे आए कि आप विधायक ने उन्हें रिश्वत देने के लिए कहा था। उनमें से चार ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान भी दर्ज करवाए और कहा कि उन्होंने अपनी फाइल को स्वीकृति देने के लिए 20,000 रुपये का भुगतान किया। हर सप्लाई पर 500 रुपये दिए। कुल 60 टैंकरों का संचालन था इसलिए कुल रकम करीब 60 लाख रुपये प्रतिमाह होती थी।

टैंकर मालिकों ने बताया कि भुगतान न होने पर उन्हें क्षेत्र में आपूर्ति करने से रोक दिया जाता था। उन्हें दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के कार्यालय से पानी भरने से भी रोक दिया जाता था।

इस भ्रष्टाचार का तब खुलासा हुआ, जब डॉक्टर राजिंदर सिंह (52) ने 18 अप्रैल को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह दक्षिणी दिल्ली के दुर्गापुरी क्षेत्र में एक निजी चिकित्सक थे और 2007 से टैंकरों के माध्यम से डीजेबी के पानी की आपूर्ति में शामिल थे। उन्होंने मरने से पहले लिखे आखिरी पत्र में जरवाल को जिम्मेदार ठहराया था। इस पर पुलिस ने विधायक के खिलाफ जबरन वसूली और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।

कथित तौर पर कहा गया कि राजिंदर सिंह ने जरवाल के सहयोगी कपिल को 10 लाख रुपये का भुगतान किया था। मजिस्ट्रेट के सामने चिकित्सक के परिजनों ने रिश्वत की पूरी जानकारी पेश की। उनका दावा था कि जरवाल ने राजिंदर के टैंकरों को जलापूर्ति सेवा से हटवा दिया था और बोर्ड से बकाया राशि भी रुकवा दी थी।