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“अम्फान के बाद बंगाल ‘ममताफान’ से त्रस्त, 80,000 लोग छोड़ गए घर”- जेपी नड्डा

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने खुलासा किया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण राज्य में करीब 80,000 लोगों ने अपने घरों को छोड़ दिया।

जेपी नड्डा ने बताया कि खासतौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कई हेल्पलाइन स्थापित की गईं, ताकि लोगों से जुड़ा जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बाद राज्य में हाल ही में उभरे मुद्दों को भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से उठाएगी।

टाइम्स ऑफ इंडिया से उन्होंने कहा, “तोशाबा, संदेशखली, पूर्वी केनिंग में एक-एक करके कई गाँवों को लूट लिया गया। कूच बिहार के लोगों को पड़ोसी राज्य असम में शरण लेनी पड़ी। दक्षिण 24 परगना के लोगों को दोहरी त्रासदी झेलनी पड़ी। महीनों पहले वे अम्फान में मारे गए थे और अब वे ममताफान का सामना कर रहे हैं।”

इसके अलावा, भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मद्देनजर केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की कई बार मांग की गई। हालाँकि, नड्डा ने इस पर जोर देकर कहा कि इसके लिए एक संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी उपरोक्त मुद्दों को उठाने के लिए अपनी ताकत का उपयोग करेगी।

नड्डा ने कहा, “इसके लिए एक प्रक्रिया है। राज्यपाल एक रिपोर्ट तैयार करते हैं और गृह मंत्रालय उसकी जाँच करता है। जहाँ तक ​​पार्टी का सवाल है तो हम अपनी ताकत के आधार पर कदम उठाने जा रहे हैं।”